वेद वाणी 15.03.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 15.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 अयं भराय सानसिरिन्द्राय पवते सुतः। सोमो जैत्रस्य चेतति यथा विदे॥ ऋग्वेद ९-१०६-२॥🙏🌻 ज्ञान, कर्म, और उपासना का सोमरस आत्मा को पापों के विरुद्ध जीवन के संग्राम में सक्षम और विजयी बनाता है। जगत के यथार्थ को…

वेद वाणी 14.03.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 14.03.24 वेद वाणी,🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 इन्द्रमच्छ सुता इमे वृषणं यन्तु हरयः। श्रुष्टी जातास इन्दवः स्वर्विदः॥ ऋग्वेद ९-१०६-१॥🙏🌻 उत्तम कर्म करने वाले योगी को परमात्मा का आनंद रस प्राप्त होता है। परमेश्वर के दिव्य गुण ऐसी जीवात्माओं के अंदर गहरे स्थापित होते…

वेद वाणी 13.03.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 13.03.24 वेद वाणी,🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ अयं दक्षाय साधनोऽयं शर्धाय वीतये। अयं देवेभ्यो मधुमत्तमः सुतः॥ ऋग्वेद ९-१०५-३॥🙏🏵️ ऐसा मनुष्य जो उत्तम कर्म करने के लिए अपनी दक्षता का विकास करता है। जो परमेश्वर को प्राप्त करने के लिए अपनी शक्ति का विकास…

वेद वाणी 12.03.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 12.03.24 वेद वाणी,🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 अस्मभ्यं त्वा वसुविदमभि वाणीरनूषत। गोभिष्टे वर्णमभि वासयामसि॥ ऋग्वेद ९-१०४-४॥🙏🌸 हे परमात्मा ! आप शांति और आनंद के प्रदाता हैं। आप हर प्रकार से संपूर्ण हैं। हम मन, वचन, और कर्म से आपकी उपासना करते हैं। हमें…

वेद वाणी 11.03.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 11.03.24 वेद वाणी,🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 परि वाराण्यव्यया गोभिरञ्जानो अर्षति। त्री षधस्था पुनानः कृणुते हरिः॥ ऋग्वेद ९-१०३-२॥🙏🌺 सोम मन, आत्मा, और शरीर को प्रकाशित करता है। सोम तीनों शरीरों अर्थात कारण शरीर, सूक्ष्म शरीर, और स्थूल शरीर को पवित्रता प्रदान करता है।🙏🌺…

वेद वाणी 10.03.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌹🌹 🙏 10.03.24 वेद वाणी,🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 त्रीणि त्रितस्य धारया पृष्ठेष्वेरया रयिम्। मिमीते अस्य योजना वि सुक्रतुः॥ ऋग्वेद ९-१०२-३॥🙏🌹 परमात्मा मूल प्रकृति के तीन तत्वों सत्, रज् और तम् से इस सृष्टि की रचना करता है।🙏🌹 God created this universe from the three…

वेद वाणी 09.03.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 09.03.24 वेद वाणी,🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 आ जामिरत्के अव्यत भुजे न पुत्र ओण्योः। सरज्जारो न योषणां वरो न योनिमासदम्॥ ऋग्वेद ९-१०१-१४॥🙏💐 जिस प्रकार एक बालक अपने माता-पिता की गोद में सुरक्षा और प्रसन्नता का अनुभव करता है। जिस प्रकार एक प्रेमी प्रेमिका…

वेद वाणी 08.03.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 08.03.24 वेद वाणी, महाशिवरात्रि पर्व ऋषि दयानंद जन्म स्थली ऋषि बोध दिवस पर टंकारा की भूमि से🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ प्र सुन्वानस्यान्धसो मर्तो न वृत तद्वचः। अप श्वानमराधसं हता मखं न भृगवः॥ ऋग्वेद ९-१०१-१३॥🙏🌻 परमेश्वर उपासनीय है। जो मनुष्य परमेश्वर की वाणी…

वेद वाणी 07.03.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 07.03.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ सहस्रधारः पवते समुद्रो वाचमीङ्खयः। सोमः पती रयीणां सखेन्द्रस्य दिवेदिवे॥ ऋग्वेद ९-१०१-६॥🙏🏵️ परमात्मा गुणों का महासागर है। वह कर्मयोगियों पर हजारों प्रकार के आनंद की वृष्टि करता है। वह प्रतिदिन प्रेरणा प्रदान करता है। वह हमें…

वेद वाणी 06.03.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 06.03.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 सुतासो मधुमत्तमाः सोमा इन्द्राय मन्दिनः। पवित्रवन्तो अक्षरन्देवान्गच्छन्तु वो मदाः॥ ऋग्वेद ९-१०१-४॥🙏🌼 ईश्वर का मधुर,पवित्र, आनंदरस आत्माओं के उद्धार के लिए बह रहा है। यह रस प्रबुद्ध मनुष्यों को प्राप्त होता है। तुम भी ज्ञान-कर्म-उपासना द्वारा…