🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻
🙏 15.03.24 वेद वाणी🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻
अयं भराय सानसिरिन्द्राय पवते सुतः।
सोमो जैत्रस्य चेतति यथा विदे॥ ऋग्वेद ९-१०६-२॥🙏🌻
ज्ञान, कर्म, और उपासना का सोमरस आत्मा को पापों के विरुद्ध जीवन के संग्राम में सक्षम और विजयी बनाता है। जगत के यथार्थ को जानने के लिए यह सोमरस आत्मा को चेताता है। 🙏🌻
The combination of knowledge, deeds, and worship makes the soul capable and victorious in the battle of life against sins. The soul is enlightened by the Soma to know the reality of the world.(Rig Ved 9-106-2)
🙏🌻#vedgsawana🙏🌻

