वेद वाणी 13.03.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 13.03.24 वेद वाणी,🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ अयं दक्षाय साधनोऽयं शर्धाय वीतये। अयं देवेभ्यो मधुमत्तमः सुतः॥ ऋग्वेद ९-१०५-३॥🙏🏵️ ऐसा मनुष्य जो उत्तम कर्म करने के लिए अपनी दक्षता का विकास करता है। जो परमेश्वर को प्राप्त करने के लिए अपनी शक्ति का विकास…