वेद वाणी 24.04.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 24.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 उशन्ति घा ते अमृतास एतदेकस्य चित्त्यजसं मर्त्यस्य। नि ते मनो मनसि धाय्यस्मे जन्युः पतिस्तन्वमा विविश्याः॥ ऋग्वेद १०-१०-३॥🙏🌼 यमी कहती है कि वंश को दीर्घायु रखने वाला मनुष्य चाहता है कि प्रत्येक नश्वर व्यक्ति कम से कम…

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वेद वाणी 23.04.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 23.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 ओ चित्सखायं सख्या ववृत्यां तिरः पुरू चिदर्णवं जगन्वान्। पितुर्नपातमा दधीत वेधा अधि क्षमि प्रतरं दीध्यानः॥ ऋग्वेद १०-१०-१॥🙏🌸 यमी यम से कहती है कि पति पत्नी मित्रवत होते हैं वे एक दूसरे के सखा हैं। मैं संतान…

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वेद वाणी 22.04.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 22.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 इदमापः प्र वहत यत्किं च दुरितं मयि। यद्वाहमभिदुद्रोह यद्वा शेप उतानृतम्॥ ऋग्वेद १०-९-८॥🙏🌺 हे पवित्र जल ! मेरी नकारात्मकता, द्रोह, आक्रोश, आदि को धो डालो। मेरे अंदर जो भी अनुचित है उसे साफ कर दो।🙏🌺 O…

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वेद वाणी 21.04.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 21.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शं योरभि स्रवन्तु नः॥ ऋग्वेद १०-९-४॥🙏🌹 दिव्य जल हमें शांति और आनंद प्रदान करें। हमारे रोगों का विनाश करें। हमारी रोग-रोधक क्षमता को सुदृढ़ करके हमें रक्षण प्रदान करें।🙏🌹 May…

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वेद वाणी 20.04.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 20.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 आपो हि ष्ठा मयोभुवस्ता न ऊर्जे दधातन। महे रणाय चक्षसे॥ ऋग्वेद १०-९-१॥🙏💐 जल अर्थात तरल ऊर्जाएं शांति और आनंद की दाता हैं। हम प्रार्थना करते हैं कि हमारे शरीर, मन और बुद्धि को ऊर्जा प्रदान करें।…

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वेद वाणी 19.04.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 19.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 उषौषो हि वसो अग्रमेषि त्वं यमयोरभवो विभावा। ऋताय सप्त दधिषे पदानि जनयन्मित्रं तन्वे स्वायै॥ ऋग्वेद १०-८-४॥🙏🌻 हमें दिन-रात आगे बढ़ना है। हमें दीप्तिमान बनना है। हमें अपने शरीर से ही मित्र अर्थात प्रभु को धारण करना…

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वेद वाणी 18.04.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 18.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ प्र केतुना बृहता यात्यग्निरा रोदसी वृषभो रोरवीति। दिवश्चिदन्ताँ उपमाँ उदानळपामुपस्थे महिषो ववर्ध॥ ऋग्वेद १०-८-१ अग्नि महान है। यह प्रकाश, उष्णता आदि गुणों के कारण सर्वत्र विद्यमान है। द्युलोक और पृथ्वीलोक में व्याप्त है। यह आकाश की…

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वेद वाणी 17.04.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏🌼मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम चंद्र जी के जन्मोत्सव ( श्रीराम नवमी ) की हार्दिक बधाई और शुभकामनाए🙏🌼 🙏 17.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 स्वस्ति नो दिवो अग्ने पृथिव्या विश्वायुर्धेहि यजथाय देव। सचेमहि तव दस्म प्रकेतैरुरुष्या ण उरुभिर्देव शंसैः॥ ऋग्वेद १०-७-१॥🙏🌼 हे अग्रणी प्रभु…

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वेद वाणी 16.04.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 16.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 सं यस्मिन्विश्वा वसूनि जग्मुर्वाजे नाश्वाः सप्तीवन्त एवैः। अस्मे ऊतीरिन्द्रवाततमा अर्वाचीना अग्न आ कृणुष्व॥ ऋग्वेद १०-६-६॥🙏🌸 प्रभु प्राप्ति से हमें सभी धन मिल जाते हैं। जिस प्रकार संग्राम में विजय घोड़ों पर निर्भर करती है उसी प्रकार…

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वेद वाणी 15.04.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 15.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 अयं स यस्य शर्मन्नवोभिरग्नेरेधते जरिताभिष्टौ। ज्येष्ठेभिर्यो भानुभिर्ऋषूणां पर्येति परिवीतो विभावा॥ ऋग्वेद १०-६-१॥🙏🌺 यह वह अग्नि है जिसका दिव्य प्रकाश हर स्थान पर फैला हुआ है। जिसके आश्रय में हम पूर्णता की ओर बढ़ते हैं। जो हमें…

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