🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️
🙏 08.03.24 वेद वाणी, महाशिवरात्रि पर्व ऋषि दयानंद जन्म स्थली ऋषि बोध दिवस पर टंकारा की भूमि से🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️
प्र सुन्वानस्यान्धसो मर्तो न वृत तद्वचः।
अप श्वानमराधसं हता मखं न भृगवः॥ ऋग्वेद ९-१०१-१३॥🙏🌻
परमेश्वर उपासनीय है। जो मनुष्य परमेश्वर की वाणी की आलोचना करते हैं ऐसे नास्तिक भाव और सत्कर्मों रहित मनुष्यों की संगत में एक आराधक को नहीं रहना चाहिए। ऐसे कुत्ते की वृर्ति वाले सांसारिक पदार्थों के लालची और ईर्ष्यालु लोगों को अपने से दूर रखें।🙏🌻
God is worshipable. A worshiper should not keep company with people who criticize God’s Vani and are devoid of atheistic sentiments and good deeds. Keep away from yourself people who are greedy and jealous of worldly things with the attitude of a dog.
(Rig Ved 9-101-13)
🙏🌻#vedgsawana 🙏🌻

