🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌺🌺
🙏 22.04.24 वेद वाणी🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺
इदमापः प्र वहत यत्किं च दुरितं मयि।
यद्वाहमभिदुद्रोह यद्वा शेप उतानृतम्॥ ऋग्वेद १०-९-८॥🙏🌺
हे पवित्र जल ! मेरी नकारात्मकता, द्रोह, आक्रोश, आदि को धो डालो। मेरे अंदर जो भी अनुचित है उसे साफ कर दो।🙏🌺
O holy water! Wash away my negativity, hatred, resentment, etc. Cleanse up all that is wrong with me. (Rig Ved 10-9-8)
🙏🌺#vedgsawana🙏🌺

