वेद वाणी 12.03.24
🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 12.03.24 वेद वाणी,🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 अस्मभ्यं त्वा वसुविदमभि वाणीरनूषत। गोभिष्टे वर्णमभि वासयामसि॥ ऋग्वेद ९-१०४-४॥🙏🌸 हे परमात्मा ! आप शांति और आनंद के प्रदाता हैं। आप हर प्रकार से संपूर्ण हैं। हम मन, वचन, और कर्म से आपकी उपासना करते हैं। हमें…
