🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼
🙏 06.03.24 वेद वाणी 🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼
सुतासो मधुमत्तमाः सोमा इन्द्राय मन्दिनः।
पवित्रवन्तो अक्षरन्देवान्गच्छन्तु वो मदाः॥ ऋग्वेद ९-१०१-४॥🙏🌼
ईश्वर का मधुर,पवित्र, आनंदरस आत्माओं के उद्धार के लिए बह रहा है। यह रस प्रबुद्ध मनुष्यों को प्राप्त होता है। तुम भी ज्ञान-कर्म-उपासना द्वारा इसको प्राप्त करने का प्रयत्न करो।🙏🌼
The sweet, holy, blissful elixir of God is flowing for the salvation of souls. This juice is attained by enlightened people. You, too try to achieve this through knowledge, deeds, and worship.(Rig Ved 9-101-4)
🙏🌼#vedgsawana🙏🌼

