वेद वाणी 09.03.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 09.03.24 वेद वाणी,🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 आ जामिरत्के अव्यत भुजे न पुत्र ओण्योः। सरज्जारो न योषणां वरो न योनिमासदम्॥ ऋग्वेद ९-१०१-१४॥🙏💐 जिस प्रकार एक बालक अपने माता-पिता की गोद में सुरक्षा और प्रसन्नता का अनुभव करता है। जिस प्रकार एक प्रेमी प्रेमिका…