वेद वाणी 05.03.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 05.03.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 त्वां रिहन्ति मातरो हरिं पवित्रे अद्रुहः। वत्सं जातं न धेनवः पवमान विधर्मणि॥ ऋग्वेद ९-१००-७॥🙏🌸 हे सबको पवित्र करने वाले परमात्मा ! नकारात्मकता और राग द्वेष से रहित मनुष्य आपसे उसी प्रकार प्रेम करते हैं जैसे…

वेद वाणी 04.03.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 04.03.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 अभी नवन्ते अद्रुहः प्रियमिन्द्रस्य काम्यम्। वत्सं न पूर्व आयुनि जातं रिहन्ति मातरः॥ ऋग्वेद ९-१००-१॥🙏🌺 जिस प्रकार गाय अपने उत्पन्न हुए नए बछड़े को चाटती है और स्नेह प्रदान करती है। उसी प्रकार जो प्रबुद्ध उपासक…

वेद वाणी 03.03.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌹🌹 🙏 03.03.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 अध क्षपा परिष्कृतो वाजाँ अभि प्र गाहते। यदी विवस्वतो धियो हरिं हिन्वन्ति यातवे॥ ऋग्वेद ९-९९-२॥🙏🌹 जब कोई आराधक उत्तम विचारों और उत्तम कर्मों के साथ परमेश्वर की प्रेरणा से जीवन के संघर्ष में आगे बढ़ता…

वेद वाणी 02.03.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 02.03.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 परि ष्य सुवानो अव्ययं रथे न वर्माव्यत। इन्दुरभि द्रुणा हितो हियानो धाराभिरक्षाः॥ ऋग्वेद ९-९८-२॥🙏💐 सोम शांति, शक्ति और दिव्यता में वृद्धि करता है। सोम मनुष्य की अविनाशी आत्मा तक पहुंचता है। सोम शरीर रूपी रथ…

वेद वाणी 01.03.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 01.03.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 उत न एना पवया पवस्वाधि श्रुते श्रवाय्यस्य तीर्थे। षष्टिं सहस्रा नैगुतो वसूनि वृक्षं न पक्वं धूनवद्रणाय॥ ऋग्वेद ९-९७-५३॥🙏🌻 हे परमेश्वर ! हम पर देवत्व की पवित्र धारा प्रवाहित करें। आप नकारात्मकताओं का विनाश करते हैं…

वेद वाणी 29.02.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 29.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ अक्रान्समुद्रः प्रथमे विधर्मञ्जनयन्प्रजा भुवनस्य राजा। वृषा पवित्रे अधि सानो अव्ये बृहत्सोमो वावृधे सुवान इन्दुः॥ ऋग्वेद ९-९७-४०॥🙏🏵️ परमात्मा सभी प्राणियों और पदार्थो का स्वामी है। उससे ही सभी भूतों की उत्पत्ति, स्थिति, और संहार होता है।…

वेद वाणी 28.02.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 28.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 तिस्रो वाच ईरयति प्र वह्निर्ऋतस्य धीतिं ब्रह्मणो मनीषाम्। गावो यन्ति गोपतिं पृच्छमानाः सोमं यन्ति मतयो वावशानाः॥ ऋग्वेद ९-९७-३४॥🙏🌼 सर्व प्रेरक परमात्मा हमें तीन प्रकार की वाणियों को धारण करने की प्रेरणा देता है। (1) नियमित…

वेद वाणी 27.02.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 27.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 तक्षद्यदी मनसो वेनतो वाग्ज्येष्ठस्य वा धर्मणि क्षोरनीके। आदीमायन्वरमा वावशाना जुष्टं पतिं कलशे गाव इन्दुम्॥ ऋग्वेद ९-९७-२२॥🙏🌸 जब प्रेम और भक्ति मन की वाणी बन जाए तो वासनायें क्षीण होती हैं और सभी धारणाएं, विचार, कल्पनाएं…

वेद वाणी 26.02.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 26.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 ग्रन्थिं न वि ष्य ग्रथितं पुनान ऋजुं च गातुं वृजिनं च सोम। अत्यो न क्रदो हरिरा सृजानो मर्यो देव धन्व पस्त्यावान्॥ ऋग्वेद ९-९७-१८॥🙏🌺 हे सोम ! मैं वासनाओं के बंधनों में जकड़ा हुआ हूं मुझे…

वेद वाणी 25.02.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌹🌹 🙏 25.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 प्र काव्यमुशनेव ब्रुवाणो देवो देवानां जनिमा विवक्ति। महिव्रतः शुचिबन्धुः पावकः पदा वराहो अभ्येति रेभन्॥ ऋग्वेद ९-९७-७॥🙏🌹 उत्तम विद्वान प्रकृति का निर्माण, पुनर्जन्म, मोक्ष, आदि सिद्धांतों का अच्छी प्रकार वर्णन करता है। वह दूसरों के कल्याण…