वेद वाणी 04.02.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌹🌹 🙏 04.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 मनीषिभिः पवते पूर्व्यः कविर्नृभिर्यतः परि कोशाँ अचिक्रदत्। त्रितस्य नाम जनयन्मधु क्षरदिन्द्रस्य वायोः सख्याय कर्तवे॥ ऋग्वेद ९-८६-२०॥🙏🌹 ईश्वर अनादि है। वह इस जगत का रचयिता है। वह प्रकृति के सभी रूपों को तीन गुणों – सत्,…

वेद वाणी 03.02.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 03.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 वृषा मतीनां पवते विचक्षणः सोमो अह्नः प्रतरीतोषसो दिवः। क्राणा सिन्धूनां कलशाँ अवीवशदिन्द्रस्य हार्द्याविशन्मनीषिभिः॥ ऋग्वेद ९-८६-१९॥🙏💐 परमात्मा उन कर्मयोगियों के अंतःकरण को पवित्र करते हैं जो संतों से उपदेश प्राप्त करते हैं और जितेंद्रिय बन जाते…

वेद वाणी 02.02.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 02.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 ज्योतिर्यज्ञस्य पवते मधु प्रियं पिता देवानां जनिता विभूवसुः। दधाति रत्नं स्वधयोरपीच्यं मदिन्तमो मत्सर इन्द्रियो रसः॥ ऋग्वेद ९-८६-१०॥🙏🌻 हे परमात्मा ! आप समस्त ब्रह्मांड की आनंद ज्योति हो। आप प्रबुद्ध और पवित्र मनुष्यों के प्रिय हैं।…

वेद वाणी 01.02.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 01.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ प्र त आश्विनीः पवमान धीजुवो दिव्या असृग्रन्पयसा धरीमणि। प्रान्तर्ऋषय स्थाविरीरसृक्षत ये त्वा मृजन्त्यृषिषाण वेधसः॥ ऋग्वेद ९-८६-४।।🙏🏵️ परमात्मा सभी को पवित्र करते हैं। उनकी ज्ञान रश्मि विद्युत की गति से आत्मा में प्रकट होती है। ज्ञानी…

वेद वाणी 31.01.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 31.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 अत्यं मृजन्ति कलशे दश क्षिपः प्र विप्राणां मतयो वाच ईरते। पवमाना अभ्यर्षन्ति सुष्टुतिमेन्द्रं विशन्ति मदिरास इन्दवः॥ ऋग्वेद ९-८५-७॥🙏🌼 इंद्रियां, मन और दस प्राण दिव्यता की धारा को आत्मा तक पहुंचाते हैं। जिससे परमात्मा का साक्षात्कार…

वेद वाणी 30.01.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 30.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 कनिक्रदत्कलशे गोभिरज्यसे व्यव्ययं समया वारमर्षसि। मर्मृज्यमानो अत्यो न सानसिरिन्द्रस्य सोम जठरे समक्षरः॥ ऋग्वेद ९-८५-५॥🙏🌸 हे सोम ! आप तरंगित करते हुए विद्वानों के अंतकरण में पहुंचकर परमेश्वर का साक्षात्कार कराते हो। प्रभुस्तवन करने से ज्ञान…

वेद वाणी 29.01.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 29.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 इन्द्राय सोम सुषुतः परि स्रवापामीवा भवतु रक्षसा सह। मा ते रसस्य मत्सत द्वयाविनो द्रविणस्वन्त इह सन्त्विन्दवः॥ ऋग्वेद ९-८५-१॥🙏🌺 विवेकी कर्मयोगी की नकारात्मकता और व्याधियों दूर होती हैं उसके जीवन में आनंद की धाराएं प्रवाहित होती…

वेद वाणी 28.01.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌹🌹 🙏 28.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 एष स्य सोमः पवते सहस्रजिद्धिन्वानो वाचमिषिरामुषर्बुधम्। इन्दुः समुद्रमुदियर्ति वायुभिरेन्द्रस्य हार्दि कलशेषु सीदति॥ ऋग्वेद ९-८४-४॥🙏🌹 दिव्य सोम उषाकाल में प्रबुद्ध करने वाली विद्वानों की वाणी को प्रेरित करता है जो सबको पवित्र करती हैं। परमेश्वर अंतरिक्ष…

वेद वाणी 27.01.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 27.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 तपोष्पवित्रं विततं दिवस्पदे शोचन्तो अस्य तन्तवो व्यस्थिरन्। अवन्त्यस्य पवीतारमाशवो दिवस्पृष्ठमधि तिष्ठन्ति चेतसा॥ ऋग्वेद ९-८३-२॥🙏💐 परमेश्वर के दिव्य प्रकाश की किरणें तपस्वी मनुष्य के मस्तिष्क रूपी द्युलोक को आलोकित करती हैं। जो लोग तपस्वी हैं वे…

वेद वाणी 26.01.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 26.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 🙏🌻 सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं🙏🌻 जायेव पत्यावधि शेव मंहसे पज्राया गर्भ शृणुहि ब्रवीमि ते। अन्तर्वाणीषु प्र चरा सु जीवसेऽनिन्द्यो वृजने सोम जागृहि॥ ऋग्वेद ९-८२-४॥🙏🌻 हे जीवात्मा ! जिस प्रकार एक सदाचारी…