वेद वाणी 11.03.24
🌺🌺 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 11.03.24 वेद वाणी,🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 परि वाराण्यव्यया गोभिरञ्जानो अर्षति। त्री षधस्था पुनानः कृणुते हरिः॥ ऋग्वेद ९-१०३-२॥🙏🌺 सोम मन, आत्मा, और शरीर को प्रकाशित करता है। सोम तीनों शरीरों अर्थात कारण शरीर, सूक्ष्म शरीर, और स्थूल शरीर को पवित्रता प्रदान करता है।🙏🌺…
