वेद वाणी 05.01.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 05.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 सूर्यस्येव रश्मयो द्रावयित्नवो मत्सरासः प्रसुपः साकमीरते। तन्तुं ततं परि सर्गास आशवो नेन्द्रादृते पवते धाम किं चन॥ ऋग्वेद ९-६९-६॥🙏🌻 परमेश्वर की बनाई हुई सृष्टि गतिशील है। गतिशीलता सोए हुए अस्तित्व को भी ऊर्जावान बनाती है। परमात्मा…

वेद वाणी 04.01.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 04.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ उपो मतिः पृच्यते सिच्यते मधु मन्द्राजनी चोदते अन्तरासनि। पवमानः संतनिः प्रघ्नतामिव मधुमान्द्रप्सः परि वारमर्षति॥ ऋग्वेद ९-६९-२॥🙏🏵️ जब एक उपासक अपनी बुद्धि को देवत्व से संयुक्त करता है तो पवित्र दिव्यता का प्रवाह अंतकरण में होने…

वेद वाणी 03.01.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 03.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 सं दक्षेण मनसा जायते कविर्ऋतस्य गर्भो निहितो यमा परः। यूना ह सन्ता प्रथमं वि जज्ञतुर्गुहा हितं जनिम नेममुद्यतम्॥ ऋग्वेद ९-६८-५॥🙏🌼 रचनात्मक आत्मा शरीर में प्रवेश करती है और शरीर उत्पन्न होता है। मन और उत्कर्ष…

वेद वाणी 02.01.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 02.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 प्र देवमच्छा मधुमन्त इन्दवोऽसिष्यदन्त गाव आ न धेनवः। बर्हिषदो वचनावन्त ऊधभिः परिस्रुतमुस्रिया निर्णिजं धिरे॥ ऋग्वेद ९-६८-१॥🙏🌸 मधुर वाणी वाले परम विद्वान परमेश्वर की ओर इस प्रकार जाते हैं जैसे कि दुधारू गाय की ओर बछड़ा…

वेद वाणी 01.01.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।।🌺🌺🙏 01.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 त्रिभिष्ट्वं देव सवितर्वर्षिष्ठैः सोम धामभिः।अग्ने दक्षैः पुनीहि नः॥ ऋग्वेद ९-६७-२६॥🙏🌺 हे परमात्मा ! हमें पवित्रता और ऊर्जा प्रदान करें। हमारे तीनों शरीर अर्थात कारण शरीर सूक्ष्म शरीर और स्थूल शरीर का कल्याण करें। (कारण शरीर – प्रलय…