वेद वाणी 14.02.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 14.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 असर्जि वक्वा रथ्ये यथाजौ धिया मनोता प्रथमो मनीषी। दश स्वसारो अधि सानो अव्येऽजन्ति वह्निं सदनान्यच्छ॥ ऋग्वेद ९-९१-१॥🙏🌼 जैसे रथ की दौड़ में सर्वश्रेष्ठ अश्वों को लगाया जाता है। उसी प्रकार एक प्रगतिशील समाज में शासन…

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वेद वाणी 13.02.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 13.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 प्र हिन्वानो जनिता रोदस्यो रथो न वाजं सनिष्यन्नयासीत्। इन्द्रं गच्छन्नायुधा संशिशानो विश्वा वसु हस्तयोरादधानः॥ ऋग्वेद ९-९०-१॥🙏🌸 हे परमात्मा ! आप हमारे हृदय में विराजमान हो। आप शुभ कर्मों की प्रेरणा देते हैं। द्युलोक और पृथ्वीलोक…

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वेद वाणी 12.02.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 12.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 सिंहं नसन्त मध्वो अयासं हरिमरुषं दिवो अस्य पतिम्। शूरो युत्सु प्रथमः पृच्छते गा अस्य चक्षसा परि पात्युक्षा॥ ऋग्वेद ९-८९-३॥🙏🌺 परमात्मा का सोम जो सिंह के समान वीरता, आनंद और मधुरता प्रदान करता है। जो मनुष्य…

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वेद वाणी 11.02.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌹🌹 🙏 11.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 अयं सोम इन्द्र तुभ्यं सुन्वे तुभ्यं पवते त्वमस्य पाहि। त्वं ह यं चकृषे त्वं ववृष इन्दुं मदाय युज्याय सोमम्॥ ऋग्वेद ९-८८-१॥🙏🌹 हे मनुष्य ! यह परमात्मा का सोम तुम्हारे लिए है। यह तुम्हें पवित्र करता…

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वेद वाणी 10.02.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 10.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 एष स्य ते मधुमाँ इन्द्र सोमो वृषा वृष्णे परि पवित्रे अक्षाः। सहस्रसाः शतसा भूरिदावा शश्वत्तमं बर्हिरा वाज्यस्थात्॥ ऋग्वेद ९-८७-४॥🙏💐 हे मनुष्य ! परमात्मा के आनंद रस का अनुभव तुम अपने हृदय रूपी कलश में करो।…

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वेद वाणी 09.02.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 09.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 स्वायुधः पवते देव इन्दुरशस्तिहा वृजनं रक्षमाणः। पिता देवानां जनिता सुदक्षो विष्टम्भो दिवो धरुणः पृथिव्याः॥ ऋग्वेद ९-८७-२॥🙏🌻 हे परमात्मा ! आप सभी के रक्षक हैं। आप समस्त सृष्टि को धारण करते हैं। आप राक्षसों के लिए…

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वेद वाणी 08.02.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 08.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ अग्रेगो राजाप्यस्तविष्यते विमानो अह्नां भुवनेष्वर्पितः। हरिर्घृतस्नुः सुदृशीको अर्णवो ज्योतीरथः पवते राय ओक्यः॥ ऋग्वेद ९-८६-४५॥🙏🏵️ परमात्मा सबका स्वामी है। वह दिन-रात का निर्माता है। वह सूर्य, चंद्र आदि का निर्माता है। वह संपूर्ण ब्रह्मांड का निर्माता…

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वेद वाणी 07.02.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 07.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 अञ्जते व्यञ्जते समञ्जते क्रतुं रिहन्ति मधुनाभ्यञ्जते। सिन्धोरुच्छ्वासे पतयन्तमुक्षणं हिरण्यपावाः पशुमासु गृभ्णते॥ ऋग्वेद ९-८६-४३॥🙏🌼 परमेश्वर के उपासक परमेश्वर का साक्षात्कार अपने अंतःकरण में करते हैं। वे उस आनंद रस को प्राप्त करते हैं जिसके समान कोई…

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वेद वाणी 06.02.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 06.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 गोवित्पवस्व वसुविद्धिरण्यविद्रेतोधा इन्दो भुवनेष्वर्पितः। त्वं सुवीरो असि सोम विश्ववित्तं त्वा विप्रा उप गिरेम आसते॥ ऋग्वेद ९-८६-३९॥🙏🌸 हे प्रकाश स्वरूप परमात्मा ! आप ज्ञान के प्रदाता हैं। आप पवित्र हैं और आप हमें भी पवित्र करें।…

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वेद वाणी 05.02.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 05.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 प्र रेभ एत्यति वारमव्ययं वृषा वनेष्वव चक्रदद्धरिः। सं धीतयो वावशाना अनूषत शिशुं रिहन्ति मतयः पनिप्नतम्॥ ऋग्वेद ९-८६-३१॥🙏🌺 पूर्ण दिव्य ओ३म् एक गर्जन करते हुए इस विनाशी संसार से आगे बढ़ जाता है। जो मनुष्य अपने…

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