वेद वाणी 14.02.24
🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 14.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 असर्जि वक्वा रथ्ये यथाजौ धिया मनोता प्रथमो मनीषी। दश स्वसारो अधि सानो अव्येऽजन्ति वह्निं सदनान्यच्छ॥ ऋग्वेद ९-९१-१॥🙏🌼 जैसे रथ की दौड़ में सर्वश्रेष्ठ अश्वों को लगाया जाता है। उसी प्रकार एक प्रगतिशील समाज में शासन…
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