💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐
🙏 21.04.24 वेद वाणी🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐
शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।
शं योरभि स्रवन्तु नः॥
ऋग्वेद १०-९-४॥🙏🌹
दिव्य जल हमें शांति और आनंद प्रदान करें। हमारे रोगों का विनाश करें। हमारी रोग-रोधक क्षमता को सुदृढ़ करके हमें रक्षण प्रदान करें।🙏🌹
May the divine water give us peace and happiness. May it destroy our diseases. May it protect us by strengthening our immunity.
(Rig Ved 10-9-4)
🙏🌹#vedgsawana🙏🌹

