🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸
🙏 13.02.24 वेद वाणी 🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸
प्र हिन्वानो जनिता रोदस्यो रथो न वाजं सनिष्यन्नयासीत्।
इन्द्रं गच्छन्नायुधा संशिशानो विश्वा वसु हस्तयोरादधानः॥ ऋग्वेद ९-९०-१॥🙏🌸
हे परमात्मा ! आप हमारे हृदय में विराजमान हो। आप शुभ कर्मों की प्रेरणा देते हैं। द्युलोक और पृथ्वीलोक को उत्पन्न कर आपने विद्युत आदि गतिशील पदार्थों को हमें प्रदान किया है जो जीवन यात्रा के लिए रथ के समान है। इंद्रियां, मन, और बुद्धि जैसे तीव्र अस्त्र कर्म योगियों को प्रदान किये हैं।🙏🌸
O God ! You be present in our hearts. You inspire good deeds. By creating the celestial world and the earth world, you have provided us with moving materials like electricity, etc., which are like a chariot for the journey of life. Sharp weapons like senses, mind, and intellect have been provided to the Karma Yogis.(Rig Ved 9-90-1)
🙏🌸#vedgsawana 🙏🌸

