वेद वाणी 4.04.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 4.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ यत्ते राजञ्छृतं हविस्तेन सोमाभि रक्ष नः। अरातीवा मा नस्तारीन्मो च नः किं चनाममदिन्द्रायेन्दो परि स्रव॥ ऋग्वेद ९-११४-४॥🙏🏵️ हे सोम ! आपके जो उत्तम उपहार हैं वे हमें भी प्रदान करें। हमें आपका आशीर्वाद सदैव मिलता रहे।…

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वेद वाणी 3.04.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 3.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 य इन्दोः पवमानस्यानु धामान्यक्रमीत्। तमाहुः सुप्रजा इति यस्ते सोमाविधन्मन इन्द्रायेन्दो परि स्रव॥ ऋग्वेद ९-११४-१॥🙏🌼 ऐसा मनुष्य जो ज्ञान, कर्म, और उपासना के पथ पर चलता है और सनातन नियमों का पालन करता है। हे सोम !…

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वेद वाणी 2.04.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 2.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 यत्र ब्रह्मा पवमान छन्दस्यां वाचं वदन्। ग्राव्णा सोमे महीयते सोमेनानन्दं जनयन्निन्द्रायेन्दो परि स्रव॥ ऋग्वेद ९-११३-६॥🙏🌸 जहां पवित्र संत मन और इंद्रियों को नियंत्रण में करके वेदों की वाणी का वर्णन करते हैं, वहां दिव्य आनंद की…

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वेद वाणी 1.04.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 1.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 शर्यणावति सोममिन्द्रः पिबतु वृत्रहा। बलं दधान आत्मनि करिष्यन्वीर्यं महदिन्द्रायेन्दो परि स्रव॥ ऋग्वेद ९-११३-१॥🙏🌺 आत्मा अज्ञानता के अंधकार को दूर करें। हमारी बुराइयों को नष्ट करें। शक्ति प्रदान करें और हमारे गौरव को ऊंचाइयों तक ले जाए।🙏🌺…

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वेद वाणी 31.03.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌹🌹 🙏 31.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 नानानं वा उ नो धियो वि व्रतानि जनानाम्। तक्षा रिष्टं रुतं भिषग्ब्रह्मा सुन्वन्तमिच्छतीन्द्रायेन्दो परि स्रव॥ ऋग्वेद ९-११२-१॥🙏🌹 हमारी बुध्दियां और कर्म भिन्न-भिन्न प्रकार के हैं। बढई टूटी-फूटी गाड़ी को ठीक करना चाहता है। चिकित्सक रोग को…

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वेद वाणी 30.03.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 30.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 अया रुचा हरिण्या पुनानो विश्वा द्वेषांसि तरति स्वयुग्वभिः सूरो न स्वयुग्वभिः। धारा सुतस्य रोचते पुनानो अरुषो हरिः। विश्वा यद्रूपा परियात्यृक्वभिः सप्तास्येभिर्ऋक्वभिः॥ ऋग्वेद ९-१११-१॥🙏💐 सोम अपनी अज्ञानता के अंधकार को दूर करने वाली शक्तियों से हमें पवित्र…

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वेद वाणी 29.03.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 29.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 अजीजनो अमृत मर्त्येष्वाँ ऋतस्य धर्मन्नमृतस्य चारुणः। सदासरो वाजमच्छा सनिष्यदत्॥ ऋग्वेद ९-११०-४॥🙏🌻 हे अनादि जगदीश्वर ! आपने नश्वर मनुष्यों के लिए शांति और सुख की सभी व्यवस्थाएं की हैं। आपने नश्वर मनुष्य के लिए सूर्य आदि पदार्थ…

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वेद वाणी 28.03.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 28.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ पर्यू षु प्र धन्व वाजसातये परि वृत्राणि सक्षणिः। द्विषस्तरध्या ऋणया न ईयसे॥ ऋग्वेद ९-११०-१॥🙏🏵️ हे सोम ! हमें पोषण, ऊर्जा, और ज्ञान प्राप्त हो। हम नकारात्मकताओं के ऊपर विजय प्राप्त कर सकें। हम अपना ऋण चुकाए…

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वेद वाणी 27.03.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 27.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 स वाज्यक्षाः सहस्ररेता अद्भिर्मृजानो गोभिः श्रीणानः॥ ऋग्वेद ९-१०९-१७॥🙏🌼 पवित्र संतों से प्राप्त ज्ञान द्वारा एक उपासक अपने कर्मों को शुद्ध करता है। इस प्रकार वह आत्मा के दिव्य ज्ञान को परिपक्व करता है।🙏🌼 A devotee purifies…

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वेद वाणी 26.03.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 26.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 परि प्र धन्वेन्द्राय सोम स्वादुर्मित्राय पूष्णे भगाय॥ ऋग्वेद ९-१०९-१॥🙏🌸 हे सोम ! हमें मानवता से स्नेह करने वाला बना। हम प्रभु उपासना करने वाले बने। हमारा शरीर, मन और बुद्धि स्वस्थ हो। हम कर्मयोगी बनें और…

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