🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸
🙏 06.02.24 वेद वाणी 🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸
गोवित्पवस्व वसुविद्धिरण्यविद्रेतोधा इन्दो भुवनेष्वर्पितः।
त्वं सुवीरो असि सोम विश्ववित्तं त्वा विप्रा उप गिरेम आसते॥ ऋग्वेद ९-८६-३९॥🙏🌸
हे प्रकाश स्वरूप परमात्मा ! आप ज्ञान के प्रदाता हैं। आप पवित्र हैं और आप हमें भी पवित्र करें। आप समस्त ब्रह्मांड में व्याप्त हैं। आप सर्वोपरि शक्तिशाली वीर हैं। आप सर्वज्ञाता हैं। विद्वान मनुष्य आपकी उपासना करते हैं।🙏🌸
O Refulgent God! You are the provider of knowledge. You are holy, and you purify us too. You pervade the entire universe. You are a supremely powerful warrior. You are omniscient. Learned people worship you.
(Rig Ved 9-86-39)
🙏🌸#vedgsawana 🙏🌸

