वेद वाणी 13.02.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 13.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 प्र हिन्वानो जनिता रोदस्यो रथो न वाजं सनिष्यन्नयासीत्। इन्द्रं गच्छन्नायुधा संशिशानो विश्वा वसु हस्तयोरादधानः॥ ऋग्वेद ९-९०-१॥🙏🌸 हे परमात्मा ! आप हमारे हृदय में विराजमान हो। आप शुभ कर्मों की प्रेरणा देते हैं। द्युलोक और पृथ्वीलोक…