वेद वाणी 10.02.24
💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 10.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 एष स्य ते मधुमाँ इन्द्र सोमो वृषा वृष्णे परि पवित्रे अक्षाः। सहस्रसाः शतसा भूरिदावा शश्वत्तमं बर्हिरा वाज्यस्थात्॥ ऋग्वेद ९-८७-४॥🙏💐 हे मनुष्य ! परमात्मा के आनंद रस का अनुभव तुम अपने हृदय रूपी कलश में करो।…
