वेद वाणी 11.02.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌹🌹 🙏 11.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 अयं सोम इन्द्र तुभ्यं सुन्वे तुभ्यं पवते त्वमस्य पाहि। त्वं ह यं चकृषे त्वं ववृष इन्दुं मदाय युज्याय सोमम्॥ ऋग्वेद ९-८८-१॥🙏🌹 हे मनुष्य ! यह परमात्मा का सोम तुम्हारे लिए है। यह तुम्हें पवित्र करता…