🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️
🙏 08.02.24 वेद वाणी 🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️
अग्रेगो राजाप्यस्तविष्यते विमानो अह्नां भुवनेष्वर्पितः।
हरिर्घृतस्नुः सुदृशीको अर्णवो ज्योतीरथः पवते राय ओक्यः॥ ऋग्वेद ९-८६-४५॥🙏🏵️
परमात्मा सबका स्वामी है। वह दिन-रात का निर्माता है। वह सूर्य, चंद्र आदि का निर्माता है। वह संपूर्ण ब्रह्मांड का निर्माता है। वह हर स्थान पर व्याप्त है। वह दुखों को हरने वाला है। वह ज्ञान ज्योति स्वरूप है। वह ही उपासना के योग्य है।🙏🏵️
God is the master of everything. He is the creator of day and night. He is the creator of the sun, moon, etc. He is the creator of the entire universe. He is pervades. He is the destroyer of misery. He is the embodiment of the light of knowledge. He alone is worthy of worship.
(Rig Ved 9-86-45)
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