🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸
🙏 26.03.24 वेद वाणी🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸
परि प्र धन्वेन्द्राय सोम स्वादुर्मित्राय पूष्णे भगाय॥ ऋग्वेद ९-१०९-१॥🙏🌸
हे सोम ! हमें मानवता से स्नेह करने वाला बना। हम प्रभु उपासना करने वाले बने। हमारा शरीर, मन और बुद्धि स्वस्थ हो। हम कर्मयोगी बनें और जीवन का आनंद प्राप्त करें।🙏🌸
O som ! Make us love humanity. Let us become worshippers of God. Let our body, mind, and intellect be healthy. Let us become Karmayogis and enjoy life.
(Rig Ved 9-109-1)
🙏🌸#vedgsawana🙏🌸

