🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸
🙏 2.04.24 वेद वाणी🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸
यत्र ब्रह्मा पवमान छन्दस्यां वाचं वदन्।
ग्राव्णा सोमे महीयते सोमेनानन्दं जनयन्निन्द्रायेन्दो परि स्रव॥ ऋग्वेद ९-११३-६॥🙏🌸
जहां पवित्र संत मन और इंद्रियों को नियंत्रण में करके वेदों की वाणी का वर्णन करते हैं, वहां दिव्य आनंद की धारा प्रवाहित होती है। हे सोम ! हमारी आत्मा में भी दिव्य आनंद की धारा बहे।🙏🌸
Where holy saints recite the words of the Vedas by controlling the mind and senses, there flows a stream of divine bliss. O Som ! Let the stream of divine bliss flow in our souls as well.
(Rig Ved 9-113-6)
🙏🌸#vedgsawana🙏🌸

