वेद वाणी 1.04.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 1.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 शर्यणावति सोममिन्द्रः पिबतु वृत्रहा। बलं दधान आत्मनि करिष्यन्वीर्यं महदिन्द्रायेन्दो परि स्रव॥ ऋग्वेद ९-११३-१॥🙏🌺 आत्मा अज्ञानता के अंधकार को दूर करें। हमारी बुराइयों को नष्ट करें। शक्ति प्रदान करें और हमारे गौरव को ऊंचाइयों तक ले जाए।🙏🌺…