वेद वाणी 3.04.24
🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 3.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 य इन्दोः पवमानस्यानु धामान्यक्रमीत्। तमाहुः सुप्रजा इति यस्ते सोमाविधन्मन इन्द्रायेन्दो परि स्रव॥ ऋग्वेद ९-११४-१॥🙏🌼 ऐसा मनुष्य जो ज्ञान, कर्म, और उपासना के पथ पर चलता है और सनातन नियमों का पालन करता है। हे सोम !…
