वेद वाणी 20.04.24
💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 20.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 आपो हि ष्ठा मयोभुवस्ता न ऊर्जे दधातन। महे रणाय चक्षसे॥ ऋग्वेद १०-९-१॥🙏💐 जल अर्थात तरल ऊर्जाएं शांति और आनंद की दाता हैं। हम प्रार्थना करते हैं कि हमारे शरीर, मन और बुद्धि को ऊर्जा प्रदान करें।…
