वेद वाणी 16.04.24
🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 16.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 सं यस्मिन्विश्वा वसूनि जग्मुर्वाजे नाश्वाः सप्तीवन्त एवैः। अस्मे ऊतीरिन्द्रवाततमा अर्वाचीना अग्न आ कृणुष्व॥ ऋग्वेद १०-६-६॥🙏🌸 प्रभु प्राप्ति से हमें सभी धन मिल जाते हैं। जिस प्रकार संग्राम में विजय घोड़ों पर निर्भर करती है उसी प्रकार…
