वेद वाणी 23.04.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 23.04.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 ओ चित्सखायं सख्या ववृत्यां तिरः पुरू चिदर्णवं जगन्वान्। पितुर्नपातमा दधीत वेधा अधि क्षमि प्रतरं दीध्यानः॥ ऋग्वेद १०-१०-१॥🙏🌸 यमी यम से कहती है कि पति पत्नी मित्रवत होते हैं वे एक दूसरे के सखा हैं। मैं संतान…