वेद वाणी 28.02.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 28.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 तिस्रो वाच ईरयति प्र वह्निर्ऋतस्य धीतिं ब्रह्मणो मनीषाम्। गावो यन्ति गोपतिं पृच्छमानाः सोमं यन्ति मतयो वावशानाः॥ ऋग्वेद ९-९७-३४॥🙏🌼 सर्व प्रेरक परमात्मा हमें तीन प्रकार की वाणियों को धारण करने की प्रेरणा देता है। (1) नियमित…