वेद वाणी 29.02.24
🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 29.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ अक्रान्समुद्रः प्रथमे विधर्मञ्जनयन्प्रजा भुवनस्य राजा। वृषा पवित्रे अधि सानो अव्ये बृहत्सोमो वावृधे सुवान इन्दुः॥ ऋग्वेद ९-९७-४०॥🙏🏵️ परमात्मा सभी प्राणियों और पदार्थो का स्वामी है। उससे ही सभी भूतों की उत्पत्ति, स्थिति, और संहार होता है।…
