वेद वाणी 01.03.24
🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 01.03.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 उत न एना पवया पवस्वाधि श्रुते श्रवाय्यस्य तीर्थे। षष्टिं सहस्रा नैगुतो वसूनि वृक्षं न पक्वं धूनवद्रणाय॥ ऋग्वेद ९-९७-५३॥🙏🌻 हे परमेश्वर ! हम पर देवत्व की पवित्र धारा प्रवाहित करें। आप नकारात्मकताओं का विनाश करते हैं…
