🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌹🌹
🙏 03.03.24 वेद वाणी 🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹
अध क्षपा परिष्कृतो वाजाँ अभि प्र गाहते।
यदी विवस्वतो धियो हरिं हिन्वन्ति यातवे॥ ऋग्वेद ९-९९-२॥🙏🌹
जब कोई आराधक उत्तम विचारों और उत्तम कर्मों के साथ परमेश्वर की प्रेरणा से जीवन के संघर्ष में आगे बढ़ता है तो उसकी विजय सुनिश्चित है।🙏🌹
When a devotee moves forward in the struggle of life under the inspiration of God with noble thoughts and noble deeds, his victory is assured. (Rig Ved 9-99-2)
🙏🌹#vedgsawana 🙏🌹


