वेद वाणी 02.01.24
🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 02.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 प्र देवमच्छा मधुमन्त इन्दवोऽसिष्यदन्त गाव आ न धेनवः। बर्हिषदो वचनावन्त ऊधभिः परिस्रुतमुस्रिया निर्णिजं धिरे॥ ऋग्वेद ९-६८-१॥🙏🌸 मधुर वाणी वाले परम विद्वान परमेश्वर की ओर इस प्रकार जाते हैं जैसे कि दुधारू गाय की ओर बछड़ा…
