🌺🌺 ।।ओ३म्।।🌺🌺
🙏 01.01.24 वेद वाणी 🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺
त्रिभिष्ट्वं देव सवितर्वर्षिष्ठैः सोम धामभिः।
अग्ने दक्षैः पुनीहि नः॥ ऋग्वेद ९-६७-२६॥🙏🌺
हे परमात्मा ! हमें पवित्रता और ऊर्जा प्रदान करें। हमारे तीनों शरीर अर्थात कारण शरीर सूक्ष्म शरीर और स्थूल शरीर का कल्याण करें। (कारण शरीर – प्रलय काल में, सूक्ष्म शरीर – जब जन्म के लिए आता है या शरीर छोड़ता है और स्थूल शरीर – वर्तमान शरीर) 🙏🌺
O God ! Grant us purity and energy. Do good to our three bodies, i.e., the causal body, the subtle body, and the gross body. (Causal body: in the state of the destructed (Parlya Kal) universe; subtle body: when one comes to birth or leaves the body; gross body: present body)
(Rig Ved 9-67-26)


