वेद वाणी 03.01.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 03.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 सं दक्षेण मनसा जायते कविर्ऋतस्य गर्भो निहितो यमा परः। यूना ह सन्ता प्रथमं वि जज्ञतुर्गुहा हितं जनिम नेममुद्यतम्॥ ऋग्वेद ९-६८-५॥🙏🌼 रचनात्मक आत्मा शरीर में प्रवेश करती है और शरीर उत्पन्न होता है। मन और उत्कर्ष…