वेद वाणी 21.01.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌹🌹 🙏 21.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 अचोदसो नो धन्वन्त्विन्दवः प्र सुवानासो बृहद्दिवेषु हरयः। वि च नशन्न इषो अरातयोऽर्यो नशन्त सनिषन्त नो धियः॥ ऋग्वेद ९-७९-१॥🙏🌹 अंधकार व दुख को हरने वाला और आनंदपूर्ण प्रभु का रस हम जिज्ञासुओं को मुक्ति के पथ…

वेद वाणी 20.01.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 20.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 समुद्रिया अप्सरसो मनीषिणमासीना अन्तरभि सोममक्षरन्। ता ईं हिन्वन्ति हर्म्यस्य सक्षणिं याचन्ते सुम्नं पवमानमक्षितम्॥ ऋग्वेद ९-७८-३॥🙏💐 ज्ञान के समुद्र में विचरने वाले जो यज्ञनिक कर्म करते हैं। वे इंद्रियों को बाहर भटकने नहीं देते बल्कि उनको…

वेद वाणी 19.01.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।।🌻🌻 🙏 19.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 एष प्र कोशे मधुमाँ अचिक्रददिन्द्रस्य वज्रो वपुषो वपुष्टरः। अभीमृतस्य सुदुघा घृतश्चुतो वाश्रा अर्षन्ति पयसेव धेनवः॥ ऋग्वेद ९-७७-१॥🙏🌻 सोम जो दिव्य आनंददायक भावना है वह आनंदमय कोष में प्रभु का आव्हान करती है। यह सोम जितेंद्रियं मनुष्य…

वेद वाणी 18.01.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।।🏵️🏵️ 🙏 18.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ शूरो न धत्त आयुधा गभस्त्योः स्वः सिषासन्रथिरो गविष्टिषु। इन्द्रस्य शुष्ममीरयन्नपस्युभिरिन्दुर्हिन्वानो अज्यते मनीषिभिः॥ ऋग्वेद ९-७६-२॥🙏🏵️ कर्मयोगी परमात्मा की बनाई हुई प्रकृति की शक्तियों का सदुपयोग करते हुए एक शूरवीर की भांति आगे बढ़ता है। वह प्रकृति के…

वेद वाणी 17.01.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।।🌼🌼 🙏 17.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 ऋतस्य जिह्वा पवते मधु प्रियं वक्ता पतिर्धियो अस्या अदाभ्यः। दधाति पुत्रः पित्रोरपीच्यं नाम तृतीयमधि रोचने दिवः॥ ऋग्वेद ९-७५-२॥🙏🌼 जो सत्य और मधुर बोलता है उसकी वाणी सभी को प्रसन्नता और पवित्रता देती है। ऐसा व्यक्ति सभी…

वेद वाणी 16.01.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।।🌸🌸 🙏 16.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 अभि प्रियाणि पवते चनोहितो नामानि यह्वो अधि येषु वर्धते। आ सूर्यस्य बृहतो बृहन्नधि रथं विष्वञ्चमरुहद्विचक्षणः॥ ऋग्वेद ९-७५-१॥🙏🌸 ईश्वर सर्वव्यापी है। वह सब में विद्यमान है। वह ही समस्त सृष्टि का निर्माता और प्रकाशक है। जो समस्त…

वेद वाणी 15.01.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।।🌺🌺 🙏 15.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 अध श्वेतं कलशं गोभिरक्तं कार्ष्मन्ना वाज्यक्रमीत्ससवान्। आ हिन्विरे मनसा देवयन्तः कक्षीवते शतहिमाय गोनाम्॥ ऋग्वेद ९-७४-८॥🙏🌺 जिस प्रकार एक प्रतिस्पर्धा का घोड़ा तीव्रता से अपनी विजय रेखा की ओर बढ़ता है। उसी प्रकार दिव्य प्रकाश एक पवित्र…

वेद वाणी 14.01.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌹🌹 🙏 14.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 शिशुर्न जातोऽव चक्रदद्वने स्वर्यद्वाज्यरुषः सिषासति। दिवो रेतसा सचते पयोवृधा तमीमहे सुमती शर्म सप्रथः॥ ऋग्वेद ९-७४-१॥🙏🌹 जब अस्तित्व की इस वन भूमि में एक शिशु जन्म लेता है तो वह अपने पोषण के लिए क्रंदन करता…

वेद वाणी 13.01.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 13.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 पवित्रवन्तः परि वाचमासते पितैषां प्रत्नो अभि रक्षति व्रतम्। महः समुद्रं वरुणस्तिरो दधे धीरा इच्छेकुर्धरुणेष्वारभम्॥ ऋग्वेद ९-७३-३॥🙏💐 पवित्र मन और चरित्र वाला कर्मयोगी ज्ञान की वाणियों के साथ खड़ा होता है। सनातन पिता परमात्मा उसके धर्म…

वेद वाणी 12.01.24

🙏🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 12.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 सम्यक्सम्यञ्चो महिषा अहेषत सिन्धोरूर्मावधि वेना अवीविपन्। मधोर्धाराभिर्जनयन्तो अर्कमित्प्रियामिन्द्रस्य तन्वमवीवृधन्॥ ऋग्वेद ९-७३-२॥🙏🌻 ज्ञान, कर्म, उपासना, द्वारा प्रभु की प्राप्ति की कामना करने वाले मनुष्य वासनाओं को दूर करते हुए इस भवसागर की लहरों से पार उतर…