वेद वाणी 16.01.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।।🌸🌸 🙏 16.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 अभि प्रियाणि पवते चनोहितो नामानि यह्वो अधि येषु वर्धते। आ सूर्यस्य बृहतो बृहन्नधि रथं विष्वञ्चमरुहद्विचक्षणः॥ ऋग्वेद ९-७५-१॥🙏🌸 ईश्वर सर्वव्यापी है। वह सब में विद्यमान है। वह ही समस्त सृष्टि का निर्माता और प्रकाशक है। जो समस्त…