वेद वाणी 17.01.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।।🌼🌼 🙏 17.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 ऋतस्य जिह्वा पवते मधु प्रियं वक्ता पतिर्धियो अस्या अदाभ्यः। दधाति पुत्रः पित्रोरपीच्यं नाम तृतीयमधि रोचने दिवः॥ ऋग्वेद ९-७५-२॥🙏🌼 जो सत्य और मधुर बोलता है उसकी वाणी सभी को प्रसन्नता और पवित्रता देती है। ऐसा व्यक्ति सभी…