वेद वाणी 31.01.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 31.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 अत्यं मृजन्ति कलशे दश क्षिपः प्र विप्राणां मतयो वाच ईरते। पवमाना अभ्यर्षन्ति सुष्टुतिमेन्द्रं विशन्ति मदिरास इन्दवः॥ ऋग्वेद ९-८५-७॥🙏🌼 इंद्रियां, मन और दस प्राण दिव्यता की धारा को आत्मा तक पहुंचाते हैं। जिससे परमात्मा का साक्षात्कार…

वेद वाणी 30.01.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 30.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 कनिक्रदत्कलशे गोभिरज्यसे व्यव्ययं समया वारमर्षसि। मर्मृज्यमानो अत्यो न सानसिरिन्द्रस्य सोम जठरे समक्षरः॥ ऋग्वेद ९-८५-५॥🙏🌸 हे सोम ! आप तरंगित करते हुए विद्वानों के अंतकरण में पहुंचकर परमेश्वर का साक्षात्कार कराते हो। प्रभुस्तवन करने से ज्ञान…

वेद वाणी 29.01.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 29.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 इन्द्राय सोम सुषुतः परि स्रवापामीवा भवतु रक्षसा सह। मा ते रसस्य मत्सत द्वयाविनो द्रविणस्वन्त इह सन्त्विन्दवः॥ ऋग्वेद ९-८५-१॥🙏🌺 विवेकी कर्मयोगी की नकारात्मकता और व्याधियों दूर होती हैं उसके जीवन में आनंद की धाराएं प्रवाहित होती…

वेद वाणी 28.01.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌹🌹 🙏 28.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 एष स्य सोमः पवते सहस्रजिद्धिन्वानो वाचमिषिरामुषर्बुधम्। इन्दुः समुद्रमुदियर्ति वायुभिरेन्द्रस्य हार्दि कलशेषु सीदति॥ ऋग्वेद ९-८४-४॥🙏🌹 दिव्य सोम उषाकाल में प्रबुद्ध करने वाली विद्वानों की वाणी को प्रेरित करता है जो सबको पवित्र करती हैं। परमेश्वर अंतरिक्ष…

वेद वाणी 27.01.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 27.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 तपोष्पवित्रं विततं दिवस्पदे शोचन्तो अस्य तन्तवो व्यस्थिरन्। अवन्त्यस्य पवीतारमाशवो दिवस्पृष्ठमधि तिष्ठन्ति चेतसा॥ ऋग्वेद ९-८३-२॥🙏💐 परमेश्वर के दिव्य प्रकाश की किरणें तपस्वी मनुष्य के मस्तिष्क रूपी द्युलोक को आलोकित करती हैं। जो लोग तपस्वी हैं वे…

वेद वाणी 26.01.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 26.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 🙏🌻 सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं🙏🌻 जायेव पत्यावधि शेव मंहसे पज्राया गर्भ शृणुहि ब्रवीमि ते। अन्तर्वाणीषु प्र चरा सु जीवसेऽनिन्द्यो वृजने सोम जागृहि॥ ऋग्वेद ९-८२-४॥🙏🌻 हे जीवात्मा ! जिस प्रकार एक सदाचारी…

वेद वाणी 25.01.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 25.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ कविर्वेधस्या पर्येषि माहिनमत्यो न मृष्टो अभि वाजमर्षसि। अपसेधन्दुरिता सोम मृळय घृतं वसानः परि यासि निर्णिजम्॥ ऋग्वेद ९-८२-२॥🙏🏵️ काव्य रचनाकार ,सोम, उन जिज्ञासुओं को जो प्रबुद्ध होना चाहते हैं ऐसे महान मस्तिष्कों को ऊर्जा प्रदान करते…

वेद वाणी 24.01.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 24.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 आ नः सोम पवमानः किरा वस्विन्दो भव मघवा राधसो महः। शिक्षा वयोधो वसवे सु चेतुना मा नो गयमारे अस्मत्परा सिचः॥ ऋग्वेद ९-८१-३॥🙏🌼 हे सोम ! आप सबको पवित्र करते हो। आप विश्व में शांति और…

वेद वाणी 23.01.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 23.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 तं त्वा देवेभ्यो मधुमत्तमं नरः सहस्रधारं दुहते दश क्षिपः। नृभिः सोम प्रच्युतो ग्रावभिः सुतो विश्वान्देवाँ आ पवस्वा सहस्रजित्॥ ऋग्वेद ९-८०-४॥🙏🌸 देववृत्ति मनुष्य जो दस इंद्रियों के ऊपर नियंत्रण रखते हैं। हे आनंद के स्वामी !…

वेद वाणी 22.01.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 22.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 सोमस्य धारा पवते नृचक्षस ऋतेन देवान्हवते दिवस्परि। बृहस्पते रवथेना वि दिद्युते समुद्रासो न सवनानि विव्यचुः॥ ऋग्वेद ९-८०-१॥🙏🌺 ज्ञान और आनंद का दिव्य सोम हमें पवित्र करें और हमें ज्ञान प्रदान करें, जिससे कि हम मानवता…