वेद वाणी 13.01.24
💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 13.01.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 पवित्रवन्तः परि वाचमासते पितैषां प्रत्नो अभि रक्षति व्रतम्। महः समुद्रं वरुणस्तिरो दधे धीरा इच्छेकुर्धरुणेष्वारभम्॥ ऋग्वेद ९-७३-३॥🙏💐 पवित्र मन और चरित्र वाला कर्मयोगी ज्ञान की वाणियों के साथ खड़ा होता है। सनातन पिता परमात्मा उसके धर्म…
