🌻🌻 ।।ओ३म्।।🌻🌻
🙏 22.03.24 वेद वाणी🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻
अभि सोमास आयवः पवन्ते मद्यं मदम्।
समुद्रस्याधि विष्टपि मनीषिणो मत्सरासः स्वर्विदः॥ ऋग्वेद ९-१०७-१४॥🙏🌻
ज्ञानी लोग अपने आप को पवित्र करते हैं। वे अपने ज्ञान,कर्म और उपासना द्वारा परमात्मा के आनंद को प्राप्त करने के पात्र बनते हैं। 🙏🌻
Wise people purify themselves. They become eligible to attain the bliss of God through their knowledge, deeds and worship.
(Rig Ved 9-107-14)
🌻🙏#vedgsawana🌻🙏

