🌺🌺 ।।ओ३म्।।🌺🌺
🙏 18.03.24 वेद वाणी🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺
परि सुवानश्चक्षसे देवमादनः क्रतुरिन्दुर्विचक्षणः॥ ऋग्वेद ९-१०७-३॥🙏🌺
शरीर को सभी ओर से प्रेरित करने वाला सोम ज्ञान का ईंधन होता है। यह हमारी शक्ति का साधन बनता है। हम प्रार्थना करते हैं कि यह हमें देववृति की ओर प्रेरित करें।🙏🌺
Soma, which inspires the body from all sides, is the fuel of knowledge. It becomes the source of our power. We pray that this will inspire us towards godliness.
(Rig Veda 9-107-3)
🙏🌺#vedgsawana🙏🌺

