🌹🌹 ।।ओ३म्।।🌹🌹
🙏 17.03.24 वेद वाणी🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹
पवस्व देववीतय इन्दो धाराभिरोजसा।
आ कलशं मधुमान्सोम नः सदः॥ ऋग्वेद ९-१०६-७॥🙏🌹
हे परमात्मा ! हमें पवित्र करो। हमें ज्ञान प्रदान करो जिससे कि हम देवत्व के पथ पर चलें। हमें आपकी उपस्थिति का अनुभव सदैव अपने अंतःकरण में होता रहे।🙏🌹
O God ! Purify us. Provide us with knowledge so that we can walk on the path of divinity. May we always feel your presence in our hearts.
(Rig Ved 9-106-7)
🙏🌹#vedgsawana🙏🌹

