वेद वाणी 11.03.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 11.03.24 वेद वाणी,🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 परि वाराण्यव्यया गोभिरञ्जानो अर्षति। त्री षधस्था पुनानः कृणुते हरिः॥ ऋग्वेद ९-१०३-२॥🙏🌺 सोम मन, आत्मा, और शरीर को प्रकाशित करता है। सोम तीनों शरीरों अर्थात कारण शरीर, सूक्ष्म शरीर, और स्थूल शरीर को पवित्रता प्रदान करता है।🙏🌺…

वेद वाणी 10.03.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌹🌹 🙏 10.03.24 वेद वाणी,🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 त्रीणि त्रितस्य धारया पृष्ठेष्वेरया रयिम्। मिमीते अस्य योजना वि सुक्रतुः॥ ऋग्वेद ९-१०२-३॥🙏🌹 परमात्मा मूल प्रकृति के तीन तत्वों सत्, रज् और तम् से इस सृष्टि की रचना करता है।🙏🌹 God created this universe from the three…

वेद वाणी 09.03.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 09.03.24 वेद वाणी,🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 आ जामिरत्के अव्यत भुजे न पुत्र ओण्योः। सरज्जारो न योषणां वरो न योनिमासदम्॥ ऋग्वेद ९-१०१-१४॥🙏💐 जिस प्रकार एक बालक अपने माता-पिता की गोद में सुरक्षा और प्रसन्नता का अनुभव करता है। जिस प्रकार एक प्रेमी प्रेमिका…

वेद वाणी 08.03.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 08.03.24 वेद वाणी, महाशिवरात्रि पर्व ऋषि दयानंद जन्म स्थली ऋषि बोध दिवस पर टंकारा की भूमि से🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ प्र सुन्वानस्यान्धसो मर्तो न वृत तद्वचः। अप श्वानमराधसं हता मखं न भृगवः॥ ऋग्वेद ९-१०१-१३॥🙏🌻 परमेश्वर उपासनीय है। जो मनुष्य परमेश्वर की वाणी…

वेद वाणी 07.03.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 07.03.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ सहस्रधारः पवते समुद्रो वाचमीङ्खयः। सोमः पती रयीणां सखेन्द्रस्य दिवेदिवे॥ ऋग्वेद ९-१०१-६॥🙏🏵️ परमात्मा गुणों का महासागर है। वह कर्मयोगियों पर हजारों प्रकार के आनंद की वृष्टि करता है। वह प्रतिदिन प्रेरणा प्रदान करता है। वह हमें…

वेद वाणी 06.03.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 06.03.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 सुतासो मधुमत्तमाः सोमा इन्द्राय मन्दिनः। पवित्रवन्तो अक्षरन्देवान्गच्छन्तु वो मदाः॥ ऋग्वेद ९-१०१-४॥🙏🌼 ईश्वर का मधुर,पवित्र, आनंदरस आत्माओं के उद्धार के लिए बह रहा है। यह रस प्रबुद्ध मनुष्यों को प्राप्त होता है। तुम भी ज्ञान-कर्म-उपासना द्वारा…

वेद वाणी 05.03.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 05.03.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 त्वां रिहन्ति मातरो हरिं पवित्रे अद्रुहः। वत्सं जातं न धेनवः पवमान विधर्मणि॥ ऋग्वेद ९-१००-७॥🙏🌸 हे सबको पवित्र करने वाले परमात्मा ! नकारात्मकता और राग द्वेष से रहित मनुष्य आपसे उसी प्रकार प्रेम करते हैं जैसे…

वेद वाणी 04.03.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 04.03.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 अभी नवन्ते अद्रुहः प्रियमिन्द्रस्य काम्यम्। वत्सं न पूर्व आयुनि जातं रिहन्ति मातरः॥ ऋग्वेद ९-१००-१॥🙏🌺 जिस प्रकार गाय अपने उत्पन्न हुए नए बछड़े को चाटती है और स्नेह प्रदान करती है। उसी प्रकार जो प्रबुद्ध उपासक…

वेद वाणी 03.03.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌹🌹 🙏 03.03.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 अध क्षपा परिष्कृतो वाजाँ अभि प्र गाहते। यदी विवस्वतो धियो हरिं हिन्वन्ति यातवे॥ ऋग्वेद ९-९९-२॥🙏🌹 जब कोई आराधक उत्तम विचारों और उत्तम कर्मों के साथ परमेश्वर की प्रेरणा से जीवन के संघर्ष में आगे बढ़ता…

वेद वाणी 02.03.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 02.03.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 परि ष्य सुवानो अव्ययं रथे न वर्माव्यत। इन्दुरभि द्रुणा हितो हियानो धाराभिरक्षाः॥ ऋग्वेद ९-९८-२॥🙏💐 सोम शांति, शक्ति और दिव्यता में वृद्धि करता है। सोम मनुष्य की अविनाशी आत्मा तक पहुंचता है। सोम शरीर रूपी रथ…