वेद वाणी 31.03.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌹🌹 🙏 31.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 नानानं वा उ नो धियो वि व्रतानि जनानाम्। तक्षा रिष्टं रुतं भिषग्ब्रह्मा सुन्वन्तमिच्छतीन्द्रायेन्दो परि स्रव॥ ऋग्वेद ९-११२-१॥🙏🌹 हमारी बुध्दियां और कर्म भिन्न-भिन्न प्रकार के हैं। बढई टूटी-फूटी गाड़ी को ठीक करना चाहता है। चिकित्सक रोग को…

वेद वाणी 30.03.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 30.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 अया रुचा हरिण्या पुनानो विश्वा द्वेषांसि तरति स्वयुग्वभिः सूरो न स्वयुग्वभिः। धारा सुतस्य रोचते पुनानो अरुषो हरिः। विश्वा यद्रूपा परियात्यृक्वभिः सप्तास्येभिर्ऋक्वभिः॥ ऋग्वेद ९-१११-१॥🙏💐 सोम अपनी अज्ञानता के अंधकार को दूर करने वाली शक्तियों से हमें पवित्र…

वेद वाणी 29.03.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 29.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 अजीजनो अमृत मर्त्येष्वाँ ऋतस्य धर्मन्नमृतस्य चारुणः। सदासरो वाजमच्छा सनिष्यदत्॥ ऋग्वेद ९-११०-४॥🙏🌻 हे अनादि जगदीश्वर ! आपने नश्वर मनुष्यों के लिए शांति और सुख की सभी व्यवस्थाएं की हैं। आपने नश्वर मनुष्य के लिए सूर्य आदि पदार्थ…

वेद वाणी 28.03.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 28.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ पर्यू षु प्र धन्व वाजसातये परि वृत्राणि सक्षणिः। द्विषस्तरध्या ऋणया न ईयसे॥ ऋग्वेद ९-११०-१॥🙏🏵️ हे सोम ! हमें पोषण, ऊर्जा, और ज्ञान प्राप्त हो। हम नकारात्मकताओं के ऊपर विजय प्राप्त कर सकें। हम अपना ऋण चुकाए…

वेद वाणी 27.03.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 27.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 स वाज्यक्षाः सहस्ररेता अद्भिर्मृजानो गोभिः श्रीणानः॥ ऋग्वेद ९-१०९-१७॥🙏🌼 पवित्र संतों से प्राप्त ज्ञान द्वारा एक उपासक अपने कर्मों को शुद्ध करता है। इस प्रकार वह आत्मा के दिव्य ज्ञान को परिपक्व करता है।🙏🌼 A devotee purifies…

वेद वाणी 26.03.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 26.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 परि प्र धन्वेन्द्राय सोम स्वादुर्मित्राय पूष्णे भगाय॥ ऋग्वेद ९-१०९-१॥🙏🌸 हे सोम ! हमें मानवता से स्नेह करने वाला बना। हम प्रभु उपासना करने वाले बने। हमारा शरीर, मन और बुद्धि स्वस्थ हो। हम कर्मयोगी बनें और…

वेद वाणी 25.03.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।।🌺🌺 🙏 25.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 य उस्रिया अप्या अन्तरश्मनो निर्गा अकृन्तदोजसा। अभि व्रजं तत्निषे गव्यमश्व्यं वर्मीव धृष्णवा रुज॥ ऋग्वेद ९-१०८-६॥🙏🌺 परमेश्वर सूर्य किरणों की बधाओं को दूर करके मेघों को चीरकर किरणों को पृथ्वी पर पहुंचाते हैं। परमेश्वर आप हमारे प्रकाश की…

वेद वाणी 24.03.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।।🌹🌹 🙏 24.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 येना नवग्वो दध्यङ्ङपोर्णुते येन विप्रास आपिरे। देवानां सुम्ने अमृतस्य चारुणो येन श्रवांस्यानशुः॥ ऋग्वेद ९-१०८-४॥🙏🌹 सोम आत्मज्ञान की वह भावना है जिसके द्वारा योगी देवत्व के पथ पर चलते हुए मोक्ष को प्राप्त करते हैं। ऐसे सिद्ध संतों…

वेद वाणी 23.03.24

💐💐 ।।ओ३म्।।💐💐 🙏 23.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 यस्य ते पीत्वा वृषभो वृषायतेऽस्य पीता स्वर्विदः। स सुप्रकेतो अभ्यक्रमीदिषोऽच्छा वाजं नैतशः॥ ऋग्वेद ९-१०८-२॥🙏💐 सूर्य सात रंग की पवित्रता प्रदान करने वाली,कभी विफल न होने वाली, किरणों के रथ पर बैठकर समस्त ब्रह्मांड को प्रकाशित करता है।…

वेद वाणी 22.03.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।।🌻🌻 🙏 22.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 अभि सोमास आयवः पवन्ते मद्यं मदम्। समुद्रस्याधि विष्टपि मनीषिणो मत्सरासः स्वर्विदः॥ ऋग्वेद ९-१०७-१४॥🙏🌻 ज्ञानी लोग अपने आप को पवित्र करते हैं। वे अपने ज्ञान,कर्म और उपासना द्वारा परमात्मा के आनंद को प्राप्त करने के पात्र बनते हैं।…