वेद वाणी 21.03.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।।🏵️🏵️ 🙏 21.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ प्र सोम देववीतये सिन्धुर्न पिप्ये अर्णसा। अंशोः पयसा मदिरो न जागृविरच्छा कोशं मधुश्चुतम्॥ ऋग्वेद ९-१०७-१२॥🙏🏵️ हे परमेश्वर ! आप आनंद और शांति के स्रोत हैं। जिस प्रकार नदियां समुद्र को जल से भरती रहती हैं उसी प्रकार…

वेद वाणी 20.03.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।।🌼🌼 🙏 20.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 स मामृजे तिरो अण्वानि मेष्यो मीळ्हे सप्तिर्न वाजयुः। अनुमाद्यः पवमानो मनीषिभिः सोमो विप्रेभिर्ऋक्वभिः॥ ऋग्वेद ९-१०७-११॥🙏🌼 जिस प्रकार एक घोड़ा उत्साह से चलता है उसी प्रकार एक आराधक सूक्ष्म तत्वों को जानने को उत्सुक होता है। वह ज्ञान…

वेद वाणी 19.03.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।।🌸🌸 🙏 19.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 आ सोम सुवानो अद्रिभिस्तिरो वाराण्यव्यया। जनो न पुरि चम्वोर्विशद्धरिः सदो वनेषु दधिषे॥ ऋग्वेद ९-१०७-१०॥🙏🌸 हे शांति स्वरूप परमेश्वर के दिव्य रस ! जो परमेश्वर के प्रति समर्पण, उत्तम कर्म, और ज्ञान से प्राप्त होता है। ऐसा सोम…

वेद वाणी 18.03.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।।🌺🌺 🙏 18.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 परि सुवानश्चक्षसे देवमादनः क्रतुरिन्दुर्विचक्षणः॥ ऋग्वेद ९-१०७-३॥🙏🌺 शरीर को सभी ओर से प्रेरित करने वाला सोम ज्ञान का ईंधन होता है। यह हमारी शक्ति का साधन बनता है। हम प्रार्थना करते हैं कि यह हमें देववृति की ओर…

वेद वाणी 17.03.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।।🌹🌹 🙏 17.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 पवस्व देववीतय इन्दो धाराभिरोजसा। आ कलशं मधुमान्सोम नः सदः॥ ऋग्वेद ९-१०६-७॥🙏🌹 हे परमात्मा ! हमें पवित्र करो। हमें ज्ञान प्रदान करो जिससे कि हम देवत्व के पथ पर चलें। हमें आपकी उपस्थिति का अनुभव सदैव अपने अंतःकरण…

वेद वाणी 16.03.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 16.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 प्र धन्वा सोम जागृविरिन्द्रायेन्दो परि स्रव। द्युमन्तं शुष्ममा भरा स्वर्विदम्॥ ऋग्वेद ९-१०६-४॥🙏💐 हे शांति स्वरूप परमात्मा के आनंद रस ! दूसरों के हित के कार्य करने वाले कर्मयोगियों के लिए तुम सदैव प्रवाहित होते रहो। तुम…

वेद वाणी 15.03.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 15.03.24 वेद वाणी🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 अयं भराय सानसिरिन्द्राय पवते सुतः। सोमो जैत्रस्य चेतति यथा विदे॥ ऋग्वेद ९-१०६-२॥🙏🌻 ज्ञान, कर्म, और उपासना का सोमरस आत्मा को पापों के विरुद्ध जीवन के संग्राम में सक्षम और विजयी बनाता है। जगत के यथार्थ को…

वेद वाणी 14.03.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 14.03.24 वेद वाणी,🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 इन्द्रमच्छ सुता इमे वृषणं यन्तु हरयः। श्रुष्टी जातास इन्दवः स्वर्विदः॥ ऋग्वेद ९-१०६-१॥🙏🌻 उत्तम कर्म करने वाले योगी को परमात्मा का आनंद रस प्राप्त होता है। परमेश्वर के दिव्य गुण ऐसी जीवात्माओं के अंदर गहरे स्थापित होते…

वेद वाणी 13.03.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 13.03.24 वेद वाणी,🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ अयं दक्षाय साधनोऽयं शर्धाय वीतये। अयं देवेभ्यो मधुमत्तमः सुतः॥ ऋग्वेद ९-१०५-३॥🙏🏵️ ऐसा मनुष्य जो उत्तम कर्म करने के लिए अपनी दक्षता का विकास करता है। जो परमेश्वर को प्राप्त करने के लिए अपनी शक्ति का विकास…

वेद वाणी 12.03.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 12.03.24 वेद वाणी,🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 अस्मभ्यं त्वा वसुविदमभि वाणीरनूषत। गोभिष्टे वर्णमभि वासयामसि॥ ऋग्वेद ९-१०४-४॥🙏🌸 हे परमात्मा ! आप शांति और आनंद के प्रदाता हैं। आप हर प्रकार से संपूर्ण हैं। हम मन, वचन, और कर्म से आपकी उपासना करते हैं। हमें…