💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐
🙏 03.02.24 वेद वाणी 🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐
वृषा मतीनां पवते विचक्षणः सोमो अह्नः प्रतरीतोषसो दिवः।
क्राणा सिन्धूनां कलशाँ अवीवशदिन्द्रस्य हार्द्याविशन्मनीषिभिः॥ ऋग्वेद ९-८६-१९॥🙏💐
परमात्मा उन कर्मयोगियों के अंतःकरण को पवित्र करते हैं जो संतों से उपदेश प्राप्त करते हैं और जितेंद्रिय बन जाते हैं। ईश्वर उषा, सूर्य आदि के निर्माता हैं और उनकी ऊर्जा बाढ़, नदियों, महासागरों आदि में व्याप्त है।🙏💐
God purifies the conscience of those Karmayogi who receive preachings from saints and become Jitendriyas. God is the creator of dawn, sun, etc., and his energy pervades floods, rivers, oceans, etc.
(Rig Ved 9-86-19)
🙏💐#vedgsawana 🙏💐
