🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼
🙏 24.01.24 वेद वाणी 🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼
आ नः सोम पवमानः किरा वस्विन्दो भव मघवा राधसो महः।
शिक्षा वयोधो वसवे सु चेतुना मा नो गयमारे अस्मत्परा सिचः॥ ऋग्वेद ९-८१-३॥🙏🌼
हे सोम ! आप सबको पवित्र करते हो। आप विश्व में शांति और समृद्धि प्रदान करो। आप सब प्रकार के ऐश्वर्यों के स्वामी हैं, आप हमारे धन के भी प्रदाता बनों। आप सब वसुओं को प्राप्त करा कर हमारे निवास को भी उत्तम बनाओ।🙏🌼
O Soma ! You purify everyone. May you provide peace and prosperity to the entire world. You are the master of all types of opulence; become our provider of wealth as well. You make our residence even better by making available all types of Vasus.
(Rig Ved 9-81-3)
🙏🌼#vedgsawana🙏🌼

