🌺🌺 ।।ओ३म्।।🌺🌺
🙏 15.01.24 वेद वाणी 🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺
अध श्वेतं कलशं गोभिरक्तं कार्ष्मन्ना वाज्यक्रमीत्ससवान्।
आ हिन्विरे मनसा देवयन्तः कक्षीवते शतहिमाय गोनाम्॥ ऋग्वेद ९-७४-८॥🙏🌺
जिस प्रकार एक प्रतिस्पर्धा का घोड़ा तीव्रता से अपनी विजय रेखा की ओर बढ़ता है। उसी प्रकार दिव्य प्रकाश एक पवित्र मनुष्य के हृदय की ओर बढ़ता है और ऐसे प्रबुद्ध मनुष्य को सौ वर्ष के ज्ञानपूर्ण जीवन की प्रेरणा प्रदान करता है।🙏🌺
Just as a race horse runs rapidly towards its victory line, Similarly, the divine light moves towards the heart of a holy man and inspires such an enlightened man to live a knowledgeable life for a hundred years.
(Rig Ved 9-74-8)
🙏🌺 #vedgsawana🙏🌺

